स्पीड टेस्ट कैसे होता है और इंटरनेट धीमा क्यों दिखता है
स्पीड टेस्ट सर्वर से डेटा भेजकर डाउनलोड, अपलोड और लेटेंसी मापता है। कम परिणाम के कारण और जांच व सुधार के तरीके यहां समझें।
स्पीड टेस्ट कैसे होता है
स्पीड टेस्ट आपके डिवाइस और टेस्ट सर्वर के बीच डेटा का आदान-प्रदान करके इंटरनेट कनेक्शन का प्रदर्शन मापता है। पहले सर्वर से छोटे और बड़े पैकेट डाउनलोड किए जाते हैं, फिर डिवाइस से सर्वर पर डेटा अपलोड किया जाता है। इस प्रक्रिया के आधार पर डाउनलोड और अपलोड स्पीड को Mbps में दिखाया जाता है। सर्वर तक अनुरोध पहुंचने और जवाब लौटने में लगने वाला समय लेटेंसी या पिंग कहलाता है।
परिणाम आपके ISP की लाइन क्षमता के साथ-साथ डिवाइस, राउटर, Wi-Fi सिग्नल और चुने गए सर्वर पर भी निर्भर करता है। इसलिए एक ही कनेक्शन पर अलग समय या अलग स्थान से किए गए टेस्ट में थोड़ा अंतर सामान्य है।
स्पीड टेस्ट में कौन-से परिणाम दिखते हैं
डाउनलोड स्पीड
डाउनलोड स्पीड बताती है कि वेबसाइट, वीडियो, ऐप या फाइल आपके डिवाइस तक कितनी तेजी से आती है। स्ट्रीमिंग और बड़ी फाइल डाउनलोड करने में इसका प्रभाव अधिक दिखाई देता है।
अपलोड स्पीड
अपलोड स्पीड वह दर है जिस पर फोटो, वीडियो, बैकअप या वीडियो कॉल का डेटा आपके डिवाइस से इंटरनेट पर जाता है। कम अपलोड स्पीड से फाइल भेजने और ऑनलाइन मीटिंग में समस्या हो सकती है।
लेटेंसी और जिटर
लेटेंसी कम होना ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो कॉल और रिमोट काम के लिए बेहतर है। जिटर में लगातार उतार-चढ़ाव होने पर आवाज टूट सकती है या वीडियो कॉल अस्थिर हो सकती है।
स्पीड टेस्ट में कम परिणाम आने के सामान्य कारण
Wi-Fi सिग्नल कमजोर होना
राउटर से अधिक दूरी, मोटी दीवारें, धातु की वस्तुएं और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण Wi-Fi सिग्नल को कमजोर कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में फाइबर या ब्रॉडबैंड लाइन ठीक होने पर भी डिवाइस पर कम स्पीड दिख सकती है।
एक साथ कई डिवाइस का उपयोग
मोबाइल, स्मार्ट टीवी, लैपटॉप और कैमरा एक ही समय में डाउनलोड या स्ट्रीमिंग कर रहे हों तो उपलब्ध बैंडविड्थ विभाजित हो जाती है। इससे टेस्ट के दौरान डाउनलोड और अपलोड परिणाम कम आ सकते हैं।
राउटर का पुराना या गलत कॉन्फ़िगरेशन
पुराना राउटर, खराब फर्मवेयर, गलत चैनल या लंबे समय से चल रहा राउटर नेटवर्क प्रदर्शन घटा सकता है। 2.4 GHz बैंड की पहुंच अधिक होती है, लेकिन आसपास के नेटवर्क के कारण इसमें हस्तक्षेप भी अधिक हो सकता है।
ISP नेटवर्क में भीड़
शाम के व्यस्त समय में किसी क्षेत्र के ISP नेटवर्क पर ट्रैफिक बढ़ सकता है। यदि LAN केबल से जुड़े डिवाइस पर भी कई बार स्पीड कम मिलती है, तो समस्या स्थानीय Wi-Fi के बजाय ISP नेटवर्क या बैकहॉल में हो सकती है।
VPN, प्रॉक्सी या बैकग्राउंड डाउनलोड
VPN और प्रॉक्सी डेटा को अतिरिक्त सर्वर से गुजारते हैं, जिससे लेटेंसी बढ़ सकती है और स्पीड घट सकती है। सिस्टम अपडेट, क्लाउड सिंक या टोरेंट जैसे बैकग्राउंड कार्य भी टेस्ट के लिए उपलब्ध बैंडविड्थ कम करते हैं।
डिवाइस या ब्राउज़र की समस्या
पुराना ब्राउज़र, अधिक खुले टैब, मैलवेयर, कम मेमोरी या कमजोर प्रोसेसर टेस्ट परिणाम को प्रभावित कर सकता है। अलग डिवाइस पर लगातार बेहतर परिणाम मिलने पर समस्या इंटरनेट लाइन के बजाय मूल डिवाइस में होने की संभावना रहती है।
समस्या का सही कारण कैसे पहचानें
टेस्ट से पहले डाउनलोड, स्ट्रीमिंग, क्लाउड सिंक और VPN बंद करें।
राउटर के पास जाकर पहले 5 GHz Wi-Fi और फिर 2.4 GHz Wi-Fi पर अलग-अलग टेस्ट करें।
संभव हो तो कंप्यूटर को Ethernet केबल से राउटर से जोड़कर परीक्षण दोहराएं।
दिन के अलग समय पर कम से कम तीन टेस्ट करें और डाउनलोड, अपलोड तथा लेटेंसी का रिकॉर्ड रखें।
एक ही टेस्ट सर्वर के साथ दूसरे सर्वर पर भी परिणाम की तुलना करें।
यदि केबल पर भी लगातार कम स्पीड आए, तो अपने ISP से लाइन, सिग्नल और क्षेत्रीय नेटवर्क की जांच के लिए संपर्क करें।
बेहतर स्पीड के लिए उपयोगी उपाय
राउटर को घर के बीच वाले खुले स्थान पर रखें और उसे फर्श या बंद अलमारी में न रखें।
राउटर का फर्मवेयर अपडेट करें और आवश्यकता होने पर उसे पुनः आरंभ करें।
5 GHz नेटवर्क का उपयोग राउटर के पास करें तथा दूर के कमरों में बेहतर कवरेज के लिए मेश सिस्टम पर विचार करें।
महत्वपूर्ण टेस्ट के समय अन्य डिवाइस के बड़े डाउनलोड और वीडियो स्ट्रीमिंग रोक दें।
टेस्ट के लिए भरोसेमंद स्पीड टेस्ट सेवा का उपयोग करें और केवल एक परिणाम के आधार पर निष्कर्ष न निकालें।
यदि केवल एक ऐप या वेबसाइट धीमी है, तो उस सेवा के सर्वर या ऐप की समस्या को भी संभावित कारण मानें।
कब ISP से संपर्क करना चाहिए
यदि Ethernet कनेक्शन पर भी कई अलग समयों में परिणाम लगातार आपके कनेक्शन स्तर से काफी कम हैं, तो स्क्रीनशॉट और टेस्ट का समय नोट करें। ISP को डाउनलोड, अपलोड, लेटेंसी, राउटर की स्थिति और उपयोग किए गए टेस्ट सर्वर की जानकारी दें। यदि समस्या केवल Wi-Fi में है, तो पहले राउटर की स्थिति और स्थानीय सिग्नल की जांच करें। इस तरह शिकायत अधिक स्पष्ट होगी और लाइन या उपकरण की जांच सही दिशा में हो सकेगी।
