स्पीड टेस्ट सॉफ्टवेयर में अंतर के कारण और सही परिणाम पाने के तरीके
अलग-अलग स्पीड टेस्ट सॉफ्टवेयर में इंटरनेट परिणाम बदलना सामान्य है। सर्वर की दूरी, ISP रूटिंग, Wi-Fi सिग्नल, राउटर की क्षमता, बैकग्राउंड ट्रैफिक और टेस्ट विधि इसका कारण हो सकते हैं। यह लेख सही जांच और बेहतर परिणाम पाने के व्यावहारिक तरीके बताता है।
एक ही ब्रॉडबैंड कनेक्शन पर अलग-अलग स्पीड टेस्ट सॉफ्टवेयर चलाने से डाउनलोड, अपलोड और लेटेंसी के परिणाम अलग आ सकते हैं। इसका अर्थ हमेशा यह नहीं होता कि आपका ISP गलत स्पीड दे रहा है। हर टेस्ट सेवा अलग सर्वर, नेटवर्क रूट, कनेक्शन तकनीक और मापने की प्रक्रिया का उपयोग कर सकती है।
यदि Airtel, Jio, BSNL या किसी अन्य ISP के कनेक्शन पर परिणामों में लगातार बड़ा अंतर दिख रहा है, तो केवल एक टेस्ट पर निर्भर करने के बजाय परीक्षण की परिस्थितियों और नेटवर्क पथ की जांच करें।
स्पीड टेस्ट सॉफ्टवेयर में अंतर क्यों दिखता है
स्पीड टेस्ट का परिणाम आपके कनेक्शन की वास्तविक क्षमता के साथ-साथ उस समय उपलब्ध सर्वर और नेटवर्क संसाधनों पर भी निर्भर करता है। इसलिए दो वेबसाइट या ऐप एक ही समय पर समान संख्या दिखाएं, यह जरूरी नहीं है।
सर्वर की दूरी और क्षमता का प्रभाव
हर स्पीड टेस्ट सॉफ्टवेयर अलग परीक्षण सर्वर चुनता है। यदि एक सर्वर आपके शहर या ISP नेटवर्क के पास है और दूसरा दूर स्थित है, तो डेटा को अधिक नेटवर्क हॉप से गुजरना पड़ सकता है। इससे लेटेंसी बढ़ सकती है और डाउनलोड या अपलोड गति कम दिखाई दे सकती है। सर्वर पर अधिक उपयोगकर्ता होने पर भी परिणाम प्रभावित होते हैं।
ISP रूटिंग और नेटवर्क पीयरिंग
आपके ISP से टेस्ट सर्वर तक डेटा किस मार्ग से जाता है, इसे ISP रूटिंग कहा जा सकता है। किसी सर्वर तक सीधा और कम भीड़ वाला मार्ग मिलने पर स्पीड बेहतर दिखती है, जबकि दूसरे सर्वर तक ट्रैफिक लंबा या व्यस्त मार्ग ले सकता है। इसी वजह से अलग-अलग सॉफ्टवेयर में अंतर दिखना नेटवर्क रूटिंग की समस्या हो सकती है, केवल आपके घर के कनेक्शन की नहीं।
Wi-Fi सिग्नल और राउटर की सीमाएं
Wi-Fi पर किया गया टेस्ट रेडियो सिग्नल, दूरी, दीवारों, 2.4 GHz या 5 GHz बैंड और आसपास के नेटवर्क से प्रभावित होता है। पुराना राउटर, कमजोर एंटीना या एक साथ जुड़े कई उपकरण भी परिणाम घटा सकते हैं। राउटर के पास खड़े होकर किया गया टेस्ट और दूसरे कमरे से किया गया टेस्ट समान नहीं होगा।
बैकग्राउंड डाउनलोड और अपलोड ट्रैफिक
यदि उसी समय कोई फोन फोटो सिंक कर रहा हो, स्मार्ट टीवी वीडियो चला रहा हो, कंप्यूटर अपडेट डाउनलोड कर रहा हो या किसी अन्य उपकरण पर फाइल अपलोड हो रही हो, तो उपलब्ध बैंडविड्थ कम हो जाती है। कुछ सॉफ्टवेयर इस कमी को अधिक स्पष्ट दिखाते हैं, जबकि कुछ कम समय में औसत परिणाम प्रस्तुत करते हैं।
डिवाइस और ब्राउज़र का प्रदर्शन
कम क्षमता वाला फोन, पुराना कंप्यूटर, अधिक खुले हुए ब्राउज़र टैब या कमजोर प्रोसेसर स्पीड टेस्ट को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ टेस्ट कई समानांतर कनेक्शन बनाते हैं, जिससे पुराने डिवाइस पर CPU या मेमोरी का उपयोग बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में ISP की वास्तविक क्षमता के बजाय डिवाइस की सीमा दिखाई दे सकती है।
टेस्ट सॉफ्टवेयर की मापने की विधि
कुछ सेवाएं कई छोटे कनेक्शन बनाकर अधिकतम डाउनलोड गति मापती हैं, जबकि कुछ सीमित कनेक्शन या अलग समय-अंतराल का उपयोग करती हैं। किसी सेवा में शुरुआती गति और अंतिम औसत अलग तरीके से दर्ज हो सकते हैं। इस तकनीकी अंतर के कारण समान नेटवर्क पर भी परिणाम पूरी तरह एक जैसे नहीं आते।
VPN, प्रॉक्सी और सुरक्षा सॉफ्टवेयर का प्रभाव
VPN या प्रॉक्सी आपके ट्रैफिक को दूसरे सर्वर से होकर भेजता है। इससे अतिरिक्त दूरी, एन्क्रिप्शन और सर्वर लोड के कारण लेटेंसी बढ़ सकती है और स्पीड घट सकती है। कुछ एंटीवायरस, फायरवॉल या नेटवर्क मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर भी परीक्षण ट्रैफिक को स्कैन करते हैं। तुलना करते समय VPN को बंद करके जांच करना अधिक उपयोगी होता है।
सही तरीके से इंटरनेट स्पीड की जांच कैसे करें
पहले राउटर को सामान्य स्थिति में रखें और परीक्षण से पहले चल रहे डाउनलोड, अपलोड तथा वीडियो स्ट्रीमिंग बंद करें।
संभव हो तो कंप्यूटर को ईथरनेट केबल से राउटर से जोड़कर एक टेस्ट करें। इससे Wi-Fi से जुड़ी अनिश्चितता कम होती है।
एक ही डिवाइस, एक ही स्थान और एक ही टेस्ट सॉफ्टवेयर से अलग-अलग समय पर कम से कम तीन परीक्षण करें।
निकट और दूर स्थित सर्वर पर परिणाम अलग-अलग दर्ज करें। साथ में डाउनलोड, अपलोड और लेटेंसी की तुलना करें।
VPN बंद रखें और परीक्षण के दौरान अन्य उपकरणों का नेटवर्क उपयोग कम करें।
केवल सबसे बड़ी डाउनलोड संख्या के बजाय औसत परिणाम और लगातार आने वाली लेटेंसी को महत्व दें।
परिणामों का अंतर कब गंभीर माना जाए
यदि अलग-अलग सॉफ्टवेयर में मामूली अंतर है, तो यह सामान्य माप त्रुटि या सर्वर अंतर हो सकता है। लेकिन ईथरनेट से किए गए कई परीक्षणों में लगातार बहुत कम डाउनलोड या अपलोड गति, असामान्य रूप से अधिक लेटेंसी या बार-बार कनेक्शन टूटना जांच योग्य समस्या है। ऐसे मामलों में परीक्षण के समय, सर्वर, डिवाइस और स्क्रीनशॉट का रिकॉर्ड रखें।
स्पीड सुधारने के व्यावहारिक सुझाव
राउटर को खुले और ऊंचे स्थान पर रखें तथा उसे धातु की वस्तुओं और मोटी दीवारों से दूर रखें।
नए राउटर में फर्मवेयर अपडेट करें और आवश्यकता होने पर 5 GHz Wi-Fi बैंड का उपयोग करें।
अनजान या अनावश्यक उपकरणों को Wi-Fi से हटाएं और राउटर का पासवर्ड सुरक्षित रखें।
बड़े डाउनलोड या क्लाउड बैकअप को स्पीड टेस्ट के समय रोकें।
यदि केबल टेस्ट में भी लगातार समस्या दिखे, तो ISP से लाइन, सिग्नल और स्थानीय आउटेज की जांच के लिए संपर्क करें।
विश्वसनीय तुलना के लिए Speedtest.im पर एक ही डिवाइस और समान परिस्थितियों में कई परीक्षण करें। इस तरह अलग-अलग सॉफ्टवेयर के परिणामों को संदर्भ के साथ समझना आसान होगा।
