क्या स्पीड टेस्ट डेटा खर्च करता है? कारण और बचाव के तरीके
स्पीड टेस्ट डाउनलोड और अपलोड करके कनेक्शन की वास्तविक क्षमता मापता है, इसलिए कुछ डेटा खर्च होता है। यह लेख डेटा उपयोग के कारण, खपत जांचने के तरीके और मोबाइल हॉटस्पॉट, Wi-Fi तथा ब्रॉडबैंड परीक्षण के लिए उपयोगी बचाव उपाय समझाता है।
क्या स्पीड टेस्ट में डेटा खर्च होता है
हाँ, स्पीड टेस्ट के दौरान कुछ डेटा खर्च होता है। वेबसाइट या ऐप आपके कनेक्शन की डाउनलोड, अपलोड और लेटेंसी मापने के लिए परीक्षण सर्वर के साथ डेटा भेजता और प्राप्त करता है। केवल टेस्ट शुरू करने से बड़ी खपत नहीं होती, लेकिन तेज कनेक्शन पर अधिक समय तक या कई बार परीक्षण करने पर उपयोग बढ़ सकता है।
फाइबर या अनलिमिटेड ब्रॉडबैंड कनेक्शन पर यह खपत आमतौर पर अलग से महसूस नहीं होती। सीमित मोबाइल डेटा, हॉटस्पॉट या मीटर्ड कनेक्शन पर इसका असर डेटा सीमा में दिखाई दे सकता है।
डेटा खर्च होने का पहला कारण: डाउनलोड मापन
डाउनलोड स्पीड मापने के लिए स्पीड टेस्ट सर्वर से आपके राउटर, Wi-Fi डिवाइस या फोन तक अस्थायी डेटा भेजा जाता है। डाउनलोड गति जितनी अधिक होगी, कम समय में उतना ही अधिक डेटा स्थानांतरित किया जा सकता है। इसी कारण तेज फाइबर कनेक्शन पर एक परीक्षण धीमे कनेक्शन की तुलना में अधिक डेटा उपयोग कर सकता है।
डेटा खर्च होने का दूसरा कारण: अपलोड मापन
अपलोड जांच में आपका डिवाइस टेस्ट सर्वर पर डेटा भेजता है। यह प्रक्रिया आपके कनेक्शन की अपलोड क्षमता मापती है और डाउनलोड परीक्षण से अलग अतिरिक्त डेटा उपयोग करती है। वीडियो कॉल, क्लाउड बैकअप या बड़ी फाइल अपलोड के साथ टेस्ट चलाने पर कुल नेटवर्क उपयोग और बढ़ सकता है।
डेटा खर्च होने का तीसरा कारण: कई बार परीक्षण
एक ही स्थान पर बार-बार स्पीड टेस्ट करने से हर बार डाउनलोड और अपलोड डेटा दोबारा स्थानांतरित होता है। राउटर रीस्टार्ट करने, ISP से संपर्क करने या Wi-Fi चैनल बदलने के बाद एक या दो परीक्षण उपयोगी हैं, लेकिन लगातार रीफ्रेश करने से अतिरिक्त जानकारी नहीं मिलती और डेटा खपत बढ़ती है।
डेटा खर्च होने का चौथा कारण: लंबे परीक्षण और कई सर्वर
कुछ ऐप या वेबसाइट अलग-अलग सर्वर से कनेक्शन जांचती हैं या परीक्षण की अवधि बढ़ाती हैं। इससे डेटा उपयोग सामान्य छोटे परीक्षण से अधिक हो सकता है। VPN, प्रॉक्सी या दूर स्थित सर्वर भी परीक्षण अवधि और नेटवर्क ट्रैफिक बदल सकते हैं, इसलिए परिणाम के साथ डेटा खपत भी अलग हो सकती है।
डेटा खर्च होने का पाँचवाँ कारण: बैकग्राउंड गतिविधियां
कभी-कभी पूरी खपत स्पीड टेस्ट की नहीं होती। फोन या कंप्यूटर में ऐप अपडेट, फोटो सिंक, वीडियो स्ट्रीमिंग, क्लाउड बैकअप और सिस्टम डाउनलोड एक साथ चल रहे हों तो डेटा उपयोग बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में उपयोगकर्ता को लग सकता है कि स्पीड टेस्ट ने ही सारा डेटा खर्च किया है, जबकि कई सेवाएं समान समय पर सक्रिय थीं।
डेटा उपयोग कैसे जांचें
- मोबाइल पर: एंड्रॉयड या iPhone की मोबाइल डेटा सेटिंग में ऐप के अनुसार उपयोग देखें और परीक्षण से पहले तथा बाद का अंतर नोट करें।
- राउटर में: कुछ राउटर ट्रैफिक मॉनिटर, क्लाइंट उपयोग या WAN आंकड़े दिखाते हैं। वहां परीक्षण वाले डिवाइस का डेटा देखें।
- ISP खाते में: सीमित ब्रॉडबैंड या मोबाइल कनेक्शन में ISP ऐप या ग्राहक पोर्टल पर उपलब्ध उपयोग आंकड़ों की तुलना करें।
- तुलना परीक्षण: अन्य डाउनलोड, स्ट्रीमिंग और बैकग्राउंड सिंक रोककर एक बार परीक्षण करें, फिर कुल उपयोग की तुलना करें।
स्पीड टेस्ट में डेटा खपत घटाने के तरीके
- मोबाइल डेटा के बजाय स्थिर Wi-Fi या ब्रॉडबैंड कनेक्शन पर परीक्षण करें।
- एक ही स्थान पर लगातार परीक्षण करने के बजाय अलग-अलग समय पर सीमित परीक्षण करें।
- टेस्ट से पहले वीडियो स्ट्रीमिंग, ऐप अपडेट और क्लाउड बैकअप रोक दें।
- मोबाइल हॉटस्पॉट इस्तेमाल करते समय कम डेटा वाला परीक्षण विकल्प उपलब्ध हो तो उसे चुनें।
- VPN बंद करके ISP और निकटतम टेस्ट सर्वर के साथ अलग से परिणाम जांचें, यदि सुरक्षा नीति इसकी अनुमति दे।
सही और उपयोगी परीक्षण कैसे करें
पहले राउटर के पास Wi-Fi पर और फिर उस कमरे में परीक्षण करें जहां समस्या महसूस होती है। इसके बाद संभव हो तो ईथरनेट केबल से एक परीक्षण करें। ईथरनेट पर परिणाम ठीक और Wi-Fi पर कमजोर हो तो समस्या ISP की गति के बजाय सिग्नल, दूरी, चैनल या राउटर की स्थिति से जुड़ी हो सकती है।
परीक्षण के साथ समय, डिवाइस, कनेक्शन प्रकार, सर्वर, डाउनलोड, अपलोड और लेटेंसी लिखें। Airtel, Jio या BSNL जैसे ISP के मामले में शिकायत दर्ज करते समय एक अकेले परिणाम के बजाय अलग-अलग समय के कई नियंत्रित परिणाम साझा करना अधिक उपयोगी होता है।
निष्कर्ष
स्पीड टेस्ट कुछ डेटा खर्च करता है क्योंकि वह वास्तविक डाउनलोड और अपलोड ट्रैफिक बनाकर कनेक्शन मापता है। सीमित डेटा वाले उपयोगकर्ताओं को बार-बार परीक्षण, बैकग्राउंड ऐप और हॉटस्पॉट उपयोग पर ध्यान देना चाहिए। नियंत्रित वातावरण में कम परीक्षण करके आप डेटा बचाते हुए ISP, राउटर और Wi-Fi से जुड़ी समस्या का बेहतर कारण पता कर सकते हैं।
