क्या स्पीड टेस्ट से इंटरनेट की स्पीड कम होती है? कारण और समाधान
स्पीड टेस्ट सामान्य परिस्थितियों में इंटरनेट की स्पीड स्थायी रूप से कम नहीं करता। टेस्ट के दौरान डाउनलोड और अपलोड बैंडविड्थ का अस्थायी उपयोग होता है, इसलिए दूसरे डिवाइस पर वीडियो, गेम या ब्राउज़िंग धीमी लग सकती है। समस्या का कारण Wi-Fi सिग्नल, बैकग्राउंड डाउनलोड, राउटर, टेस्ट सर्वर, नेटवर्क भीड़ या ISP की तकनीकी स्थिति भी हो सकता है। अलग-अलग समय पर कई टेस्ट करके, ईथरनेट से जांच करके और बैकग्राउंड गतिविधियां रोककर वास्तविक स्थिति समझी जा सकती है।
क्या स्पीड टेस्ट से इंटरनेट की स्पीड कम होती है?
आम तौर पर स्पीड टेस्ट करने से आपके फाइबर या ब्रॉडबैंड कनेक्शन की स्पीड स्थायी रूप से कम नहीं होती। टेस्ट वेबसाइट या ऐप कुछ समय के लिए डाउनलोड और अपलोड डेटा भेजकर कनेक्शन की क्षमता मापता है। इस प्रक्रिया में उपलब्ध बैंडविड्थ का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल हो सकता है, इसलिए टेस्ट चलते समय दूसरे डिवाइस पर इंटरनेट धीमा महसूस होता है।
टेस्ट पूरा होने के बाद यह अतिरिक्त ट्रैफिक बंद हो जाता है और कनेक्शन सामान्य स्थिति में लौटना चाहिए। यदि स्पीड लंबे समय तक कम रहती है, तो केवल स्पीड टेस्ट को कारण मानने के बजाय नेटवर्क, राउटर, डिवाइस या ISP से जुड़ी समस्या की जांच करें।
स्पीड टेस्ट के दौरान धीमापन क्यों महसूस होता है?
1. टेस्ट अस्थायी रूप से बैंडविड्थ का उपयोग करता है
स्पीड टेस्ट वास्तविक डाउनलोड और अपलोड ट्रैफिक बनाता है। यदि घर में कोई व्यक्ति वीडियो देख रहा है, ऑनलाइन गेम खेल रहा है या बड़ी फाइल डाउनलोड कर रहा है, तो सभी गतिविधियों को उपलब्ध बैंडविड्थ साझा करनी पड़ती है। इस कारण टेस्ट के दौरान बाकी सेवाएं धीमी हो सकती हैं।
2. बैकग्राउंड डाउनलोड और अपडेट चल रहे होते हैं
मोबाइल, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और गेम कंसोल अपने आप सिस्टम अपडेट, क्लाउड सिंक या ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। ये गतिविधियां दिखाई नहीं देतीं, लेकिन डाउनलोड और अपलोड क्षमता का लगातार उपयोग करती हैं। टेस्ट के समय इनका प्रभाव अधिक स्पष्ट दिखाई देता है।
3. Wi-Fi सिग्नल कमजोर या अस्थिर है
राउटर से दूरी, मोटी दीवारें, माइक्रोवेव जैसे उपकरण और आसपास के कई Wi-Fi नेटवर्क वायरलेस सिग्नल को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में स्पीड टेस्ट इंटरनेट लाइन की पूरी क्षमता के बजाय Wi-Fi कनेक्शन की गुणवत्ता मापता है। 5 GHz नेटवर्क कम दूरी में तेज हो सकता है, जबकि 2.4 GHz नेटवर्क अधिक दूरी तक पहुंच सकता है।
4. राउटर पर अधिक डिवाइस जुड़े हैं
एक ही राउटर से कई फोन, टीवी, कैमरा और कंप्यूटर जुड़े होने पर नेटवर्क संसाधन साझा होते हैं। कुछ डिवाइस लगातार अपलोड कर सकते हैं, जैसे क्लाउड बैकअप या CCTV कैमरा। इससे टेस्ट का परिणाम कम आ सकता है और टेस्ट के बाद भी व्यस्त नेटवर्क के कारण स्पीड सामान्य से कम लग सकती है।
5. टेस्ट सर्वर की दूरी या क्षमता अलग होती है
स्पीड टेस्ट का परिणाम चुने गए सर्वर पर निर्भर करता है। दूर स्थित सर्वर, सर्वर पर अधिक ट्रैफिक या अलग नेटवर्क रूट के कारण डाउनलोड और अपलोड स्पीड कम दिख सकती है। यह जरूरी नहीं कि आपके ISP का पूरा कनेक्शन खराब हो। अलग-अलग नजदीकी सर्वर पर टेस्ट करने से तुलना अधिक उपयोगी होती है।
6. ISP नेटवर्क में अस्थायी भीड़ हो सकती है
शाम के समय एक ही क्षेत्र में अधिक उपयोगकर्ता इंटरनेट चलाते हैं। इससे ISP के स्थानीय नेटवर्क या बैकहॉल पर अस्थायी भीड़ आ सकती है। Airtel, Jio या BSNL जैसे किसी भी ISP के नेटवर्क पर अलग-अलग समय में परिणाम बदल सकते हैं। एक ही समय के केवल एक टेस्ट से स्थायी निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
7. डिवाइस या ब्राउज़र प्रदर्शन सीमित कर सकता है
पुराना फोन, कमजोर लैपटॉप, बहुत सारे खुले टैब, VPN, एंटीवायरस स्कैन या ब्राउज़र एक्सटेंशन टेस्ट की सटीकता को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ डिवाइस तेज फाइबर कनेक्शन की पूरी क्षमता संभाल नहीं पाते, खासकर जब वे पुराने Wi-Fi मानक का उपयोग कर रहे हों।
कैसे पता करें कि समस्या स्पीड टेस्ट की नहीं है?
- टेस्ट के बाद जांचें: टेस्ट पूरा होने के 5 से 10 मिनट बाद सामान्य वेबसाइट, वीडियो और डाउनलोड चलाकर देखें। यदि सब सामान्य है, तो धीमापन अस्थायी था।
- ईथरनेट से तुलना करें: संभव हो तो कंप्यूटर को LAN केबल से राउटर से जोड़कर टेस्ट करें। ईथरनेट परिणाम Wi-Fi की तुलना में कनेक्शन की वास्तविक क्षमता का बेहतर संकेत देता है।
- अलग समय पर टेस्ट करें: सुबह, दोपहर और शाम को एक ही डिवाइस और सर्वर से टेस्ट करें। लगातार कम परिणाम मिलने पर समस्या अधिक गंभीर हो सकती है।
- एक से अधिक डिवाइस जांचें: केवल एक फोन पर कम स्पीड मिलने से पूरे कनेक्शन को दोष न दें। दूसरे लैपटॉप या कंप्यूटर पर भी परीक्षण करें।
- लेटेंसी और पैकेट लॉस देखें: केवल डाउनलोड स्पीड न देखें। अधिक लेटेंसी या पैकेट लॉस ऑनलाइन गेम, वीडियो कॉल और वेबसाइट लोडिंग को प्रभावित कर सकता है।
स्पीड टेस्ट से पहले सही परिणाम के लिए क्या करें?
- बैकग्राउंड डाउनलोड, क्लाउड बैकअप और स्ट्रीमिंग अस्थायी रूप से रोकें।
- टेस्ट के दौरान अन्य डिवाइस पर बड़े डाउनलोड या वीडियो स्ट्रीमिंग बंद रखें।
- राउटर के पास जाकर 5 GHz Wi-Fi पर परीक्षण करें या LAN केबल का उपयोग करें।
- VPN और अनावश्यक ब्राउज़र एक्सटेंशन बंद करें।
- टेस्ट ऐप या वेबसाइट का नजदीकी उपलब्ध सर्वर चुनें।
- एक ही परिस्थितियों में दो या तीन बार टेस्ट करें और औसत परिणाम नोट करें।
स्पीड कम रहने पर कौन से समाधान आजमाएं?
पहले राउटर को बंद करके लगभग 30 सेकंड बाद फिर चालू करें। राउटर का फर्मवेयर अपडेट उपलब्ध हो तो निर्माता के निर्देशों के अनुसार अपडेट करें। Wi-Fi चैनल में अधिक भीड़ होने पर राउटर की सेटिंग में कम व्यस्त चैनल चुनें। बड़े घर या कई कमरों में कमजोर सिग्नल होने पर उचित स्थान पर मेष सिस्टम या एक्सेस पॉइंट लगाया जा सकता है।
यदि LAN कनेक्शन पर भी अलग-अलग समय में स्पीड लगातार कम है, तो अपने ISP की सहायता टीम से संपर्क करें। उन्हें टेस्ट का समय, सर्वर, डाउनलोड स्पीड, अपलोड स्पीड, लेटेंसी और कनेक्शन का प्रकार बताएं। समस्या दर्ज करते समय केवल एक असामान्य परिणाम के बजाय कई परीक्षणों का रिकॉर्ड देना अधिक उपयोगी होता है।
निष्कर्ष
स्पीड टेस्ट स्वयं इंटरनेट की स्पीड को स्थायी रूप से कम नहीं करता। यह कुछ समय के लिए बैंडविड्थ का उपयोग करता है, इसलिए टेस्ट के दौरान अन्य गतिविधियां धीमी हो सकती हैं। सही निष्कर्ष के लिए ईथरनेट और Wi-Fi दोनों से, अलग-अलग समय पर और कम नेटवर्क गतिविधि के साथ जांच करें। यदि समस्या टेस्ट के बाद भी बनी रहती है, तो राउटर, डिवाइस, Wi-Fi वातावरण और ISP नेटवर्क की क्रमबद्ध जांच करें।
